Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 2, अंक - 5, सित. - नवंबर, 2007)

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समाचार

 

 

अमीन सायानी को हिंदी रत्न सम्मान

 

 

नई दिल्ली। ...बहनों और भाईयों.... जैसी लोकप्रिय उद्धोषणाओं के जरिए अपनी आवाज से दशकों से श्रोताओं के दिल पर राज करने वाले रेडियो उद्धोषक अमीन सायानी को पिछले दिनों वर्ष 2007 के पंडित भीमसेन विद्यालंकार स्मृति हिंदीरत्न सम्मान से नवाजा गया। हिंदी भवन के तत्वावधान में यहां आयोजित एक समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल एवं हिंदी भवन के अध्यक्ष त्रिलोकीनाथ चतुर्वेदी ने श्री सायानी को सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस मौके पर राज्यसभा की पूर्व उपसभापति एवं सांसद डॉ. नामा हेपतुल्ला ने उन्हें शाल भेंट की। समारोह में अभिनेता एवं राज्यसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि श्री सायानी गंगा यमुनी संस्कृति के सच्चो पहरुए के रूप में इस सम्मान के वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से श्री सायानी का कद ऊंचा नहीं हुआ बल्कि इस सम्मान का कद बढ़ गया है। श्री सिन्हा ने कहा श्री सायानी ने जिस सरलता से हिंदी और उर्दू को मिलाकर बनने वाली आम बोलचाल की भाषा को जन जन तक पहुंचाया है, वह कल्पना से भी परे है। उन्होंने कहा कि श्री सायानी ने आवाज की दुनिया में मानदंड स्थापित किए हैं और एक पीढ़ी तो उन्हें सुनकर बड़ी हुई ही है।

 

डॉ. हेपतुल्ला ने कहा कि हिंदी और उर्दू दोनों एक ही देश की पैदावार हैं और दोनों में सिर्फ इतना अंतर है कि एक सीधे हाथ से लिखी जाती है जबकि दूसर उल्टे हाथ की ओर से लेकिन याद रखने वाली बात यह है कि दोनों हाथों को मिलाकर ही ताली बजती है। उन्होंने कहा कि सायानी साहब ने अपनी आवाज के दम पर एक मुकाम हासिल किया है और दूसरों के लिए उदाहरण बने हैं। उन्होंने कहा कि गुजराती और अंग्रेजी में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने वाले श्री सायानी की हिन्दी पर जितनी पकड है वह काबिले तारीफ है। समारोह का संचालन प्रख्यात उद्धोषक जसदेव सिंह ने किया। श्री सिंह ने कहा कि श्री सायानी अपने शब्दों की मदद से पूरे परिदृश्य का खाका खींच देते हैं। उन्होंने बताया कि 1950 में रेडियो सीलोन से जुडने वाले श्री सायानी ने अपने बड़े भाई की प्रेरणा से आठ वर्ष की उम्र में ही रेडियो प्रसारण क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 1970 में आकाशवाणी की व्यावसायिक सेवा विविध भारती की शुरुआत पर सबसे पहली जादुई आवाज श्री सायानी की ही थी। अभी श्री सायानी इंग्लैंड, अमरीका, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, मारीशस और फिजी जैसे देशों के लिए भारतीय रेडियो कार्यक्रम देते हैं। 

 

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प्रकाशक-भूमिका द्विवेदी उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन-संजय द्विवेदी, जयप्रकाश मानस

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