नौ भारतीय भाषाओं के साथ वेबदुनिया नए स्वरूप में
इंदौर।
विश्व का पहला हिन्दी पोर्टल होने का गौरव हासिल करने वाला वेबदुनिया
(www.webdunia)
अब नौ भारतीय भाषाओं के साथ ही नए और आकर्षक स्वरूप में उपलब्ध है। वेबदुनिया
ने अपने भाषाई पोर्टल की यात्रा वर्ष
1999
में हिन्दी, तमिल, तेलुगू,
मलयालम
के साथ की थी। सात वर्षो की इस यात्रा में वेबदुनिया ने कई पड़ाव पार किए। यही
कारण है कि वेबदुनिया के भाषाई परिवार में अब पांच और सदस्य जुड़ चुके हैं। अब
इस वेबसाईट को
मराठी,
गुजराती,
पंजाबी,
बंगाली,
कन्नड़
में भी
देखा जा सकता है।
इस बहुभाषी
पोर्टल में अब सुखद परिवर्तन भी देखने की मिलेंगे। अब यह नए और आकर्षक ले-आउट
और यूनिकोड फॉण्ट में उपलब्ध थी। वेबदुनिया के नए स्वरूप की घोषणा करते हुए
वेबदुनिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय छजलानी ने कहा-हम ये शुरूआत से
मानते आए हैं कि सूचना क्रांति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय भाषाएं ही
सशक्त माध्यम हैं। नया स्वरूप व
5 नई
भाषाएं इसी दिशा में एक और कदम है। यूनिकोड फॉण्ट में उपलब्धता का सबसे अधिक
लाभ यह होगा कि अब वेबदुनिया की सामग्री को अन्य सर्च इंजनों के माध्यम से भी
खोजा जा सकता है, इसके साथ ही पाठक वेबदुनिया के
बहुभाषी सर्च का उपयोग कर अपनी इच्छित भाषा में सामग्री खोज सकते हैं। जल्दी ही
यह सर्च वर्ल्ड वाइड वेब के लिए भी उपलब्ध होगा।
वेबदुनिया के नए स्वरूप के बारे में इसके प्रेसीडेंट और मुक्य
परिचालन अधिकारी (सीओओ) पंकज जैन ने बताया कि यह तो सिर्फ शुरूआत है। इंटरनेट
के उपयोगकर्ताओं के प्रति हमारे वायदे और समर्पण का यह एक चरण मात्र है। सामगी
एवं तकनीक, दोनों ही स्तरों पर अभी और महत्वपूर्ण
उपलब्धियां हम उन तक पहुचाएंगे। पाठकों को यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि
बहुभाषी ई-मेल सेवा ई-पत्र अब वेबदुनिया मेल हो गई है। अब आपका ई-मेल आईडी
ईपत्र, कॉम न होकर वेबदुनिया कॉम होगा। वेबदुनिया मेल
के उपयोगकर्ता अपनी-अपनी भाषाओं में स्वजनों और प्रियजनों से संदेशों का
आदान-प्रदान कर सकेंगे।
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