राजदीप सरदेसाई और रितु सरीन को पत्रकारिता पुरस्कार
नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम ने कहा कि सच्ची
पत्रकारिता देश को ताकत देती है इसलिए थोड़ी सी लाभ के लालच में खबरों को
सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि यह पत्रकारिता का अपमान करने जैसा
होगा। असली पत्रकारिता निर्भिक,
सच्ची, प्रेणादायी और उत्कृष्ट होनी
चाहिए। डा. कलाम ने रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्म एवार्ड,
समारोह के मौके पर यह विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सीएनएन
आईबीएन के प्रमुख राजदीप सरदेसाई और इंडियन एक्सप्रेस की वरिष्ठ पत्रकार रितु
सरीन को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष के
सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के रूप में सम्मानित किया गया।श्री सरदेसाई को
इलेक्ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष के श्रेष्ठ
पत्रकार के पुरस्कार से नवाजा गया।
वहीं सुश्री
सरीन को प्रिंट मीडिया श्रेणी में वर्ष के श्रेष्ठ पत्रकार का पुरस्कार दिया
गया। घोषित पुरस्कारों में से सीएनएनआईबीएन और एनडीटीवी के तीन- तीन पत्रकार
पुरस्कृत किए गए। इसके अलावा फ्रंटलाइन पत्रिका के रिपोर्टर डायनों बुंशा को
नान फ्क्शिन और पर्यावरण से संबंधित समाचारों की रिपोर्टिंग के लिए दो पुरस्कार
दिए गए जबकि लोकसत्ता के डीएस वसंत और,
रिसोर्स सेंटर फ्रा सेक्सुअल हेल्थ एंड एड्स. की साधना मोहन
को क्रमश मराठी और अंग्रेजी में रिपोर्टिग के लिए सम्मानित किया गया। इंटरनेशनल
हेराल्ड ट्रिब्यून की अमेलिया जेंटिलमैंन को भारत का बेहतर कवरेज करने के लिये
विदेशी संवाददाता के रूप में पुरस्कृत किया गया।
राष्ट्रपति ने
इस मौके पर कहा कि पत्रकारिता को राष्ट्र के आर्थिक और राजनीतिक विकास का एक
सक्षम हथियार बनाया जा सकता है। युवा पीढी के मन मस्तिष्क पर मीडिया का व्यापक
प्रभाव पड़ता है इसलिए निर्भिक सच्ची और सकारात्मक पत्रकारिता भविष्य में देश की
एक सक्षम और स्वास्थ्य पीढ़ी के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है।
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