Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 1, अंक-5, जून-अगस्त, 2007)

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 इस अंक के आकर्षण

 

संपादकीय - आवाज की दुनिया को सलाम !  - श्रीकांत सिंह

आवरण कथा....

रेडियो मीडिया पर सार्थक विमर्श करते हुए-

रमेश नैयर, डॉ. महावीर सिंह, डॉ. देवव्रत सिंह हसनात अंबरीन, बापू देशपांडे, जयप्रकश मानस, डॉ. सोनाली नरगुंदे, राजीव रंजन प्रसाद, काकेश कुमार, सच्चिदानंद जोशी, अशोक चतुर्वेदी, बबिता अग्रवाल, हसन खान,  डॉ. रंजन सिंह, संजीव गुप्ता, कृष्णचंद्र मौलि, विजय आनंद, शैलेष नितिन त्रिवेदी, Monika Verma, Sachin Bhagwat & Kapil Shikhare, Garima Patel, Anuradha Arya, Neha negi, संतोष के., Fareen Siddiqui, अखिलेश सिंह मयंक,  डॉ.सुधीर शर्मा जैसे अनुभवी लेखक, पत्रकार, टेक्नोक्रेट, शिक्षाविद्

 

 बातचीत....       

मीडिया का मतलब सिर्फ दिल्ली ही नहीं

 ('आउटलुट' के संपादक आलोक मेहता से खास बातचीत)

मेरा समय....

तुमसे मिलती हुई आवाज कहां से लाऊं - हसन खान

वह भी कम्बख्त तेरा चाहनेवाला निकला - राधेश्याम शर्मा

 

बहस....

भारत में चौंथे खंभे का पता-ठिकाना - प्रो.ओमप्रकाश सिंह

 

इत्यलम्....            

ज्यादा घातक है आज का साम्राज्यवाद - अष्टभुजा शुक्ल

 

पत्रिका....             

हर्षित करती है श्रेष्ठ पत्रिकाओं की उपस्थिति - गिरीश पंकज

 

समाचार....

 

अमीन सायानी को हिंदी रत्न सम्मान

ब्लेयर ने मीडिया को क्रुर नरपशु की संज्ञा दी

पी. साईनाथ को मैग्सेसे पुरस्कार

पढ़े जा रहे हैं अपठनीय अखबार : प्रभाष जोशी

आदिवासियों की आवाज बने हस्तलिखित अखबार

बहुभाषी पुस्तक टैबू का रंगारंग लोकार्पण

राजदीप सरदेसाई और रितु सरीन को पत्रकारिता पुरस्कार

मीडिया संसद की तरफ देखे

नौ भारतीय भाषाओं के साथ वेबदुनिया नए स्वरूप में

 

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मूल्य

एक प्रति-25 रुपए

वार्षिक शुल्क-100 रुपए

आजीवन शुल्क- 1000 रुपए

आजीवन शुल्क(संस्थागत)- 2000

 


संपर्कः संपादक, मीडिया विमर्श, ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी.    रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत,  दूरभाष- 0771-2444107,मोबाइल-98935-98888


 

विशेष आलेख....

कंडोम प्रमोशन कार्यक्रमः सांस्कृतिक धूर्तता का वैज्ञानिक मुखौटा

(जाने माने रचनाकार प्रभु जोशी का विचारोत्तेजक आलेख)

अफसोस तो यह कि इस स्तर पर फिलवक्त केवल कमबख्त भारतीय-बाप भर चिंतित हैं। मांए नहीं। वे शिथिल और इस मसले पर नितान्त असावधान हैं, क्योंकि उनमें अभी भी ढिठाई है और वे तथाकथित अपनी सांस्कृतिक शर्म से पिण्ड छुड़ाने में कामयाबी हासिल नहीं कर पा रही हैं। यही वह मुख्य वजह है कि वे अपनी भोली-भाली बेटियों के पर्स में 'सुरक्षा का यह चिकना हथियार' रखने से झिझकी हुई हैं। लेकिन, धीरज रखिए ऐसे चिंताग्रस्त-मातृत्व के अभाव की क्षतिपूर्ति के लिए देश भर की शिक्षण-संस्थाएं शीघ्र ही आगे आने वाली हैं। आगे पढ़िए...

वैश्वीकरण, मीडिया और हिंदी - अच्युतानंद मिश्रा

जिंदगी में घुस आया है कैमरा - जया जादवानी

 

हमारी गतिविधियाँ....

खत्म ना होने दें अपने भीतर का रेडियो - सुभाष चंदर

 

 

मानद सलाहकार संपादक-विश्वनाथ सचदेव संपादक-डॉ. श्रीकांत सिंह संपादक मंडल- गोपा बागची, पवित्र श्रीवास्तव

प्रकाशक-भूमिका द्विवेदी उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन-संजय द्विवेदी, जयप्रकाश मानस

 संपर्क- ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी. रायपुर, छत्तीसगढ़, दूरभाष-0771-2444107, ई-मेल- mediavimarshindia@yahoo.com

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मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता को विकसित करने के लिए प्रकाशित अव्यावसायिक त्रैमासिक पत्रिक 'मीडिया-विमर्श' में

प्रकाशित रचनाओं में अभिव्यक्त विचारों से संपादकीय या प्रकाशकीय सहमति अनिवार्य नहीं है

वेब-क्रियेशन- कामिनी इन्फार्मेटिक्स के लिए प्रशांत रथ

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