Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 1, अंक - 4, जून - अगस्त, 2007)

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।। पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत हुए डा. व्यास ।।

साहित्य में होते हैं मन के भाव : डा. सरोज

 

इंदौर। पत्रकारिता एवं साहित्य में यही अंतर है कि पत्रकारिता में बाहर के भाव दिखते हैं जबकि साहित्य में मनुष्य के मन के भाव दिखते हैं। लघुपत्रिकाओं के अंक भले ही कम निकलें पर उनमें संपादक का समर्पण दिखता है। वीणा के संपादक डा. श्यामसुंदर व्यास का सम्मान उनकी साधना का सच्चा सम्मान है।

 

ये विचार प्रख्यात कवि एवं आलोचक डा. सरोज कुमार ने इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। वे पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रायपुर (छत्तीसगढ़) से इंदौर आकर यहां सम्मान देने की परंपरा स्वागत योग्य है। पुरस्कारों के राजनीतिकरण के दौर में ऐसे पुरस्कार आस्था जगाते हैं। देश की सबसे पुरानी साहित्यिक पत्रिका वीणा के संपादक डा. श्यामसुंदर व्यास को इस अवसर पर शाल-श्रीफल, सम्मानपत्र, प्रतीक चिन्ह और ग्यारह हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि वीणा पत्रिका विगत आठ दशकों से निरंतर प्रकाशित हो रही है और डा. व्यास पिछले 35 वर्षों से इसके संपादक हैं। सम्मान का यह प्रथम वर्ष है। इस वर्ष पत्रकारिता सम्मान के निर्णायकों में सर्वश्री विश्वनाथ सचदेव, रमेश नैय्यर, विजयदत्त श्रीधर, सच्चिदानंद जोशी और गिरीश पंकज शामिल थे। कार्यक्रम की अध्यक्ष इंदौर की महापौर डा. उमाशशि शर्मा ने कहा कि अब साहित्कार कम होते जा रहे हैं और पत्रकार बढ़ते जा रहे हैं। डा. श्यामसुंदर व्यास ने कहा कि हम जिन सिध्दांतों पर इतराते थे, वे अब दब गए हैं। दुर्भाग्य से हम ऐसे लोगों को भूलते जा रहे हैं जिन्हें नमन करना चाहिए। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के रीडर डा. श्रीकांत सिंह ने कहा कि भाषायी पत्रकारिता के साथ देश में साहित्यिक पत्रकारिता की शुरूआत हुई थी। ये एक सिक्के के दो पहलू के समान हैं, जिन्हें अलग करना मुश्किल है।

 

सम्मान समिति की संयोजक भूमिका द्विवेदी ने प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कमलेश पारे और आभार प्रदर्शन 'मीडिया विमर्श' के उपसंपादक हेमंत पाणिग्राही ने किया। इस अवसर पर इंदौर प्रेस क्लब के सचिव अन्ना दुरै, रोमेश जोशी, प्रकाश हिन्दुस्तानी, डॉ. पवित्र श्रीवास्तव, तेजिंदर सिंह गगन, सुखदेव सिंह कश्यप, सूर्यकांत नागर, राजेन्द्र कुमार मिश्र, गणेशदत्त ओझा, गजानन शर्मा, जगदीश प्रसाद वैदिक, सुरेश मिंडा, डा. जीसी सिपाहा, नियति सप्रे, दुर्गासिंह प्रसाद सिंह सरोज, नगेन्द्र आजाद, विनोद नागर, डा. पदमा सिंह, डा.भूपेन्द्र गौतम, गिरेन्द्र सिंह भदौरिया प्राण, राकेश शर्मा, चंद्रसेन विराट, रमेश मेहबूब, नरहरि पटेल, कृष्णकांत दुबे, श्रीमती अन्नपूर्णा व्यास सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार एवं बुध्दिजीवी मौजूद थे। 

  

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मानद सलाहकार संपादक-विश्वनाथ सचदेव संपादक-श्रीकांत सिंह संपादक मंडल- गोपा बागची, पवित्र श्रीवास्तव

प्रकाशक-भूमिका द्विवेदी उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन-संजय द्विवेदी, जयप्रकाश मानस

 संपर्क- ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी. रायपुर, छत्तीसगढ़, दूरभाष-0771-2444107, ई-मेल- mediavimarshindia@yahoo.com

 

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