Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 1, अंक - 4, जून - अगस्त, 2007)

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आवरण कथा

 

कंप्यूटर पर यूनिकोड हिन्दी टाइपिंग

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  श्रीश बेंजवाल शर्मा

 

क्सर हिन्दी टाइपिंग से अनभिज्ञ बहुत से लोगों को भ्रम होता है कि कंप्यूटर पर हिन्दी टाइप करने के लिए टाइपिंग सीखनी पड़ती है। हिन्दी में टाइप करना अब अत्यंत सरल है। वो जमाना गया जब इसके लिए टाइपराइटर पर महीनों झक मारनी पड़ती थी। कुछ साल पहले तो यह बात सच थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। आजकल यूनिकोड के आगमन के पश्चात हिन्दी टाइपिंग हेतु कई फोनेटिक टूल उपलब्ध हैं जिनसे आप टाइप किए जाने वाले टैक्स्ट को रोमन में लिखेंगे और वह अपने आप हिन्दी में बदल कर टाइप हो जाएगा। आज इंटरनैट पर हिन्दी टाइपिंग संबंधी जानकारी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है साथ ही कई सहायता समूह सक्रिय हैं जो आपकी इस काम में हर तरह से सहायता करेंगें। इसके अतिरिक्त हिन्दी टाइप के औजारों में निरंतर सुधार हो रहा है जिससे कि अंततः हिन्दी टाइप करना सरल होता जा रहा है।

 

यूनिकोड क्या है ?

यूनिकोड एक तरह की कोडिंग प्रणाली है जिसमें विश्व की समस्त लिपियों को कूटबद्ध किया गया है। अतः इसमें उन सभी लिपियों को व्यक्त किया जा सकता है, इस तरह यूनिकोड के प्रयोग से देवनागरी सहित सभी भारतीय भाषाओं में डाटा प्रोसैसिंग का कार्य अत्यंत सरल हो गया है।

 

हिन्दी टाइपिंग में यूनिको़ड के प्रयोग के कई फायदे हैं। वैबपेजों पर किसी भी यूनिको़ड फॉन्ट में लिखी गई हिन्दी पढ़ने के लिए पाठक के कंप्यूटर पर केवल एक यूनिको़ड श्रेणी का फॉन्ट होना चाहिए। दूसरी ओर नॉन-यूनिकोड फॉन्ट में लिखे वैबपेजों पर हिन्दी पढ़ने के लिए हर साइट के लिए अलग अलग फॉन्ट डाउनलोड करना पढ़ता है। अलावा जहाँ नॉन-यूनिकोड फॉन्ट द्वारा केवल वर्ड प्रौसेसरों तथा वैबपेजों आदि में हिन्दी लिखी जा सकती है जबकि यूनिकोड में कंप्यूटर पर हर जगह हिन्दी लिखी जा सकती है। इंटरनैट पर हिन्दी में ईमेल,चैटिंग तथा साइट/ब्लॉग बनाना यूनिकोड के आगमान के बाद बिल्कुल सरल हो गया है। इसके अलावा यूनिकोड हिन्दी हर तरह की डाटा प्रोसैसिंग के लिए नॉन-यूनिकोड की बजाय अधिक उपयुक्त है। अतः धीरे-धीरे कंप्यूटर पर नॉन-यूनिकोड हिन्दी का प्रयोग खत्म होता जा रहा है। आजकल केवल ग्राफिक्स और डीटीपी में इसका प्रयोग जारी है क्योंकि इसके कुछ प्रचलित प्रोग्रामों जैसे कि फोटोशॉप और पेजमेकर आदि अभी तक यूनिकोड का  समर्थन नहीं करते। इनमें यूनिकोड का समर्थन आने के पश्चात नॉन-यूनिकोड हिन्दी बीते जमाने की चीज हो जाएगी।  

 

हिन्दी दिखाई न देने की समस्या

पहले बात करते हैं आपके कंप्यूटर तथा साइटों पर हिन्दी टैक्स्ट दिखाई न देने की। आपके पास विंडोज चाहे कोई भी हो उसमें हिन्दी दिखाई देने के लिए बस एक अदद यूनिकोड हिन्दी फॉन्ट चाहिए। विंडोज एक्स पी में मंगल नाम का यूनिकोड फॉन्ट पहले से ही होता है। दूसरी विंडोज के लिए आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। इसको डाउनलोड करके विंडोज फॉन्टस डायरैक्ट्री में कॉपी कर दीजिए, जो कि आमतौर पर c:\windows\fonts होती है, यह इंस्टाल हो जाएगा। अधिकतर मामलों में हिन्दी न दिखाई देने का यही कारण होता है। वेबसाइटों पर हिन्दी दिखाई न देने का दूसरा कारण हो सकता है आपके ब्राऊजर में Character Encoding का सही न होना। इसके लिए अपने ब्राऊजर के View मीनू में Character Encoding को Unicode (UTF-8) पर सैट करें। इस प्रक्रिया को चित्र सहित विस्तार से यहाँ समझाया गया है। ऐसा करने के बाद आपका ब्राऊजर में हिन्दी अच्छी तरह दिखाई देगी।

 

इसके अतिरिक्त विंडोज 2000 तथा XP में इंडिक भाषा सपोर्ट इंस्टाल करने से हिन्दी पूर्ण रुप से सही दिखाई देती है, इस बारे में नीचे बताया गया है। नई आई विंडोज Vista में इंडिक सपोर्ट पहले से इंस्टाल होता है अतः हिन्दी बिना किसी परेशानी के सपष्ट दिखाई देती है।

 

लिनक्स में ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल करते वक्त ही भाषा चुनने का विकल्प मिलता है। यहाँ पर हिन्दी चुन कर इंस्टाल किया हो तो ऑपरेटिंग सिस्टम में हिन्दी बिना कुछ किए दिखाई देती है। मैकिनटोश में OS X 10 से आगे के संस्करणों में हिन्दी समर्थन इनबिल्ट होता है अतः हिन्दी एकदम सही दिखाई देती है। 

 

यदि अब भी आपको हिन्दी ठीक से दिखाई न दे तो अधिक जानकारी हेतु इस लिंक पर जाएं।

 

यूनिकोड हिन्दी टाइपिंग

अब बात आती है हिन्दी टाइपिंग की। यद्यपि सामान्य ऐप्लीकेशनों जैसे वर्डपैड, इंटरनैट एक्सप्लोरर आदि में हिन्दी टाइप करने के लिए कंप्यूटर में एक यूनिकोड फॉन्ट का होना ही पर्याप्त है लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टम में हर जगह हिन्दी लिखने हेतु हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाओं का समर्थन स्थापित किया जाना चाहिए।

 

» ऑपरेटिंग सिस्टमों में हिन्दी सपोर्ट

विंडोज 95/98 तथा ME में सीमित मात्रा में यूनिकोड सपोर्ट है। इन ऑपरेटिंग सिस्टमों में वैब पर हिन्दी देखने के लिए इंटरनैट एक्सप्लोरर 6 इंस्टाल किए जाने की सलाह दी जाती है। यूनिकोड हिन्दी लिखने हेतु ऑफलाइन और ऑनलाइन टूल उपलब्ध हैं लेकिन वांछित जगह पर इनके प्रयोग हेतु कॉपी-पेस्ट करना पड़ता है।

 

विंडोज 2000 में हिन्दी सपोर्ट चालू करने के लिए Start > Settings > Control Panel > Regional Options में जाएं यहाँ General टैब पर क्लिक करके Language settings for this system नामक फ्रेम में Indic विकल्प को चैक कर दें। अब Apply और OK पर क्लिक करें, आपसे विंडोज 2000 की सीडी मांगी जाएगी जिसके उपरांत इंस्टालेशन प्रक्रिया संपन्न होगी।

 

विंडोज XP में Start > Settings > Control Panel > Regional and Language Options में जाएं। इसके बाद Languages टैब पर क्लिक करके Supplemental language support  नामक फ्रेम में Install files for complex script and right-to-left languages (including Thai) चैकबॉक्स को चुनें तथा OK पर क्लिक करें। अब आपसे विंडोज एक्स पी की सीडी मांगी जाएगी जिसके उपरांत इंस्टालेशन प्रक्रिया संपन्न होगी।

 

एक बार ऐसा कर लेने के बाद आप विंडोज में सभी यूनिकोड समर्थित एप्लीकेशनों आदि समेत हर जगह हिन्दी में लिख सकते हैं यहाँ तक कि फाइलों के नाम भी हिन्दी में दे सकते हैं।

 

लिनक्स के अधिकतर नए संस्करणों में हिन्दी का समर्थन होता है। आपको ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल करते वक्त भाषा चुननी होती है, यदि आप हिन्दी चुनेंगे तो यूनिकोड फॉन्ट समेत ऑपरेटिंग सिस्टम में इसका पूर्ण समर्थन उपलब्ध होगा। वैसे बाद में भी भाषाई पैक इंस्टाल किए जा सकते हैं।

 

यदि आप अब भी विंडोज 95/98 या ME प्रयोग कर रहे हैं तो अपने कंप्यूटर को यूनिकोड हिन्दी में पूर्ण रुप से काम करने में सक्षम बनाने हेतु अपने सिस्टम को विंडोज XP या Vista पर अपग्रेड करें। यदि वितीय रुप से ऐसा करना संभव नहीं तो मुफ्त लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टाल करें। सीडैक का बॉस लिनक्स विशेषकर भारतीय भाषाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है, विवरण तथा डाउनलोड लिंक यहाँ उपलब्ध है।  

 

विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टमों में हिन्दी सपोर्ट बारे जानकारी विकिपीडिया पर इस लेख में विस्तार पू्र्वक दी गई है: Help Multilingual Support (Indic)

 

» हिन्दी टाइपिंग की विधियाँ

हिन्दी टाइपिंग की वैसे तो कई विधियाँ हैं पर मुख्य रुप से निम्न तीन प्रचलन में हैं :

1. रेमिंगटन टाइपिंग: यह हिन्दी टाइपिंग की सबसे पुरानी विधि है और अब काफी हद तक प्रचलन से बाहर हो चुकी है। यह एक टच टाइपिंग विधि है। यह सिर्फ उनके लिए उपयुक्त है जिन्होंने पहले से टाइपराइटर पर हिन्दी टाइपिंग सीख रखी हो तथा इसके अभ्यस्त हों। कंप्यूटर पर नए सिरे से टाइपिंग सीखने हेतु यह उपयुक्त नहीं क्योंकि इसका कीबोर्ड लेआउट कठिन होता है। हाँ यदि आप पहले से रेमिंगटन टाइपिंग जानते हों तब यह आपके लिए एकदम सही है। आजकल इसका प्रयोग मुख्य रुप से नॉन-यूनिकोड ग्राफिक्स तथा डीटीपी (डेस्कटॉप पब्लिशिंग) प्रोग्रामों में किया जाता है। रेमिंगटन टाइपिंग संबंधी संपूर्ण जानकारी यहाँ पर उपलब्ध है।

2. इनस्क्रिप्ट टाइपिंग: इसका विकास भारत सरकार के राजभाषा विभाग ने किया था। यह भी एक टच टाइपिंग प्रणाली है। यह विधि भारतीय भाषाओं में टाइपिंग की सर्वाधिक वैज्ञानिक विधि है। इस विधि से कम्प्यूटर पर सर्वाधिक गति से हिन्दी टाइप की जा सकती है। यह हिन्दी टाइपिंग की एकमात्र मानक प्रणाली है जिसका कीबोर्ड आजकल विंडोज, लिनक्स तथा मैकिन्टोश समेत सभी ऑपरेटिंग सिस्टमों में इनबिल्ट आ रहा है। यह भारतीय भाषाओं के ध्वन्यात्मक (Phonetic) गुण के लॉजिक पर आधारित है। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि टाइपिंग हेतु कम से कम कुजिंयाँ दबानी पड़ें, इसी कारण इससे कंप्यूटर पर तीव्रतम गति से हिन्दी टाइप की जा सकती है।

 

यद्यपि यह हिन्दी टाइपिंग की सर्वश्रेष्ठ विधि है लेकिन इसके लिए भी कुछ समय अभ्यास करना पड़ता है। लगभग तीन दिन में इसका कीबोर्ड याद हो जाता है जिससे कि टाइपिंग शुरु की जा सकती है तथा एकाध हफ्ते में ठीक-ठाक गति बन जाती है। इनस्क्रिप्ट टाइपिंग संबंधी संपूर्ण जानकारी यहाँ पर उपलब्ध है।

 

 3. फोनेटिक टाइपिंग: यह हिन्दी टाइप करने का सबसे आसान तथा वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित तरीका है। इसकी खासियत है कि इसे सीखने में बिल्कुल समय नहीं लगता। आप सीधे हिन्दी में लिखना शुरु कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आपको 'राम' लिखना है तो आप टाइप करेंगे 'raama'। यह भारतीय भाषाओं के ध्वन्यात्मक गुण (Phonetic Property) पर आधारित हैं अर्थात जैसा बोला जाता है वैसे ही लिखा जाता है। अतः इंटरनैट पर अधिकतर हिन्दी प्रयोगकर्ता इसी विधि का उपयोग करते हैं। अधिकतर नई साइटें तथा सॉफ्टवेयर भी इसी को अपना रहे हैं तथा अतः अब मैं इसी के बारे में चर्चा करुंगा।

 

आजकल लगभग सभी ऑपरेटिंग सिस्टमों हेतु फोनेटिक टाइपिंग टूल उपलब्ध हैं। नैट पर कई साइटें तथा सेवाएं इस हेतु इनबिल्ट टूल उपलब्ध करवा रही हैं। हाल में ही प्रसिद्ध ब्लॉगिंग सेवा प्रदाता ब्लॉगर ने भी फोनेटिक टाइपिंग हेतु ट्रांसलिट्रेशन टूल उपलब्ध करवाया है जिससे बिना किसी अन्य टूल की आवश्यकता के कि सीधे ही ब्लॉग पर हिन्दी में लिखा जा सकता है।

 

फोनेटिक टाइपिंग की कुछ कमियों के बावजूद यह तो तय है कि हिन्दी टाइपिंग से अनभिज्ञ एक नए व्यक्ति के लिए शुरुआत करने का यह सबसे आसान तरीका है। फोनेटिक टाइपिंग संबंधी संपूर्ण जानकारी यहाँ पर उपलब्ध है।

 

इसके अतिरिक्त तीनों ऑपरेटिंग सिस्टमों विंडोज,लिनक्स तथा मैकिनटोश के लिए ऐसे औजार मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपनी पसंद का कीबोर्ड लेआउट बना कर प्रयोग कर सकते हैं।

 

» हिन्दी टाइपिंग औजार

हिन्दी टाइपिंग के लिए दो तरह के टूल उपलब्ध हैं: ऑनलाइन और ऑफलाइन

ऑनलाइन टूल: ऑनलाइन वालों में आप टूल की साइट पर जाकर वहाँ हिन्दी में टाइप करके फिर उसे कॉपी करके जहाँ लिखना हो वहाँ पेस्ट करते हैं। इसलिए यह तरीका उपयुक्त नहीं, इसमें कॉपी पेस्ट का झंझट है। दूसरा चूंकि ये टूल अधिकतर सर्वर पर आधारित होते हैं अतः कई बार इनकी टाइपिंग स्पीड कम होती है। इन टूल का एकमात्र लाभ यह है कि अपने कंप्यूटर से दूर होने पर (घर से बाहर आदि) आप बिना कोई टूल डाउनलोड किए साइट पर जाकर हिन्दी लिख सकते हैं।

QuillPad फोनेटिक टाइपिंग तथा यूनीनागरी इनस्क्रिप्ट एवं रेमिंगटन के लिए श्रेष्ठ ऑनलाइन टूल हैं।

 

ऑफलाइन टूल: दूसरी ओर ऑफलाइन टूल को एक बार डाउनलोड करके उनके द्बारा किसी भी विंडोज एप्लीकेशन जैसे वर्डपैड, इंटरनैट एक्सप्लोरर, मैसेंजर आदि में कहीं भी सीधे हिन्दी लिख सकते हैं। नियमित प्रयोग के लिए यही टूल उपयुक्त होते हैं। इन टूल्स की स्पीड तेज होने के साथ ही इनके द्वारा लिखना कहीं अधिक सुविधाजनक होता है। इसके अतिरिक्त इनमें कई अन्य फंक्शन भी होते हैं। इन्हें आम तौर पर IME (Input Method Editor) कहा जाता है।

 

चार सर्वाधिक प्रचलित IME हैं: Baraha IME, HindiWriter, Hindi Indic IME तथा Cafe Hindi Typing Tool.

सभी की अपनी अपनी खूबियाँ (Pro) तथा कमियाँ (Cons) हैं। BarahaIME अधिकतर भारतीय भाषाओं में कार्य करता है। Indic IME में हिन्दी के लिए Hindi Indic IME यहाँ से डाउनलोड करें, अन्य भाषाओं के लिए यहाँ जाएं। HindiWriter तथा Cafe Hindi Typing Tool केवल हिन्दी के लिए हैं।

 

Indic IME में फोनेटिक, रेमिंगटन तथा इनस्क्रिप्ट के कीबोर्ड हैं। कैफे हिन्दी टाइपिंग टूल में फोनेटिक, रेमिंगटन, इनस्क्रिप्ट एवं शुषा के कीबोर्ड उपलब्ध हैं। इनस्क्रिप्ट के लिए विंडोज एक्स पी, विंडोज विस्टा एवं अन्य ऑपरेटिंग सिस्टमों में अंतनिर्मित डिफॉल्ट कीबोर्ड भी होता है।

 

Cafe Hindi Typing Tool उपरोक्त चारों में सरलतम टूल है। इसे डाउनलोड तथा इंस्टाल करें। चलाने पर इसका Icon आपके Taskbar में System Tray में आ जाएगा। System Tray Icon पर राइट क्लिक करिए तथा अपना पसंदीदा कीबोर्ड चुनिए। अब आप हिन्दी में टाइप करने के लिए तैयार हैं। कोई भी शब्द हिन्दी में टाइप करने हेतु उसकी समांतर स्पैलिंग इंग्लिश में टाइप कीजिए, उदाहरण के लिए मेरा भारत महानलिखने के लिए टाइप कीजिए ’meraa bhaarata mahaana’. हिन्दी तथा अंग्रेजी में Switch करने के लिए F12 कुँजी का प्रयोग करें या सिस्टम ट्रे आइकॉन पर क्लिक करें अर्थात एक साथ दोनों भाषाओं में लिखा जा सकता है। Cafe Hindi Typing Tool द्वारा हिन्दी टाइपिंग संबंधी जानकारी इस लेख में चित्रों समेत बताई गई है।

 

अगर आपको पहले से रेमिंगटन (टाइपराइटर) का अभ्यास है तो वो प्रयोग कीजिए। यदि आपने पहले कभी हिन्दी टाइप नहीं की तो शुरुआत के लिए फोनेटिक सरलतम है और यदि आपको नियमित रुप से काफी टाइपिंग का कार्य करना पड़ता है तो आप इनस्क्रिप्ट सीख लें। एकाध हफ्ते में ही आपकी अच्छी स्पीड बन जाएगी और समय के साथ बढ़ती जाएगी। बाकी हिन्दी में लिखने का आनंद तो इसका प्रयोग शुरु करने के बाद ही समझा जा सकता है।

 

अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम

यदि लिनक्स की संस्थापना के दौरान हिन्दी एक अतिरिक्त भाषा के रूप में चुना जाता है तो लिनक्स के अधिकतर नए संस्करणों में हिन्दी के फ़ॉन्ट व अन्य जरूरी औजार जैसे कि रेमिंगटन्, फोनेटिक तथा इनस्क्रिप्ट (स्मार्ट कॉमन इनपुट मैथड ‘SCIM’ में) तीनों प्रकार के कीबोर्ड अंतर्निमित रुप से संस्थापित हो जाते हैं। मैकिनटोश में इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड इनबिल्ट होता है तथा अन्य कीबोर्डों के लिए कुछ अतिरिक्त औजारों का प्रयोग किया जा सकता है।

 

नॉन-यूनिकोड टैक्स्ट को यूनिकोड टैक्स्ट में बदलना

यदि आपके पास पुराने वैबपेज या अन्य लेख आदि नॉन-यूनिकोड फॉन्ट में हैं तो आप उन्हें TBIL,रुपांतर तथा परिवर्तन आदि नामक औजारों की मदद से यूनिकोड में बदल सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी उपयुक्त औजारों सहित यहाँ देखें।

 

हिन्दी कंप्यूटिंग संबंधी कुछ उपयोगी साइटें

हिन्दी टाइपिंग और ब्लॉगिंग संबंधी जानकारी के लिए तीन बहुत उपयोगी साइटें हैं। ये सभी साइटें पूरी तरह अव्यावसायिक तथा लाभरहित हैं जो इंटरनैट पर हिन्दी के प्रचार-प्रसार से जुड़ी हैं।

सर्वज्ञसर्वज्ञ विकी (ऑनलाइन ज्ञानकोष) पर हिन्दी टाइपिंग और ब्लॉगिंग के बारे में संपूर्ण जानकारी मौजूद है। इस पर हिन्दी टाइपिंग संबंधी एक वीडियो भी है तथा सभी महत्वपूर्ण लेखों हेतु ऑडियो-वीडियो टटोरियल डाले जाने की योजना है। इस लेख में दी गई सारी जानकारी, विभिन्न औजारों के डाउनलोड लिंक तथा हिन्दी संबंधी सभी साइटों के लिंक आदि इस साइट पर उपलब्ध हैं।

 

परिचर्चा: परिचर्चा हिन्दी फोरम विश्व की पहली फोरम है जो पूर्णतया देवनागरी लिपि में है। इस पर हिन्दी टाइपिंग, ब्लॉगिंग आदि समेत सभी प्रकार की तकनीकी सहायता उपलब्ध है। आप यहाँ अपनी किसी भी समस्या हेतु प्रश्न पूछिए, सदस्यगण उसका समुचित हल करेंगे। इसके अतिरिक्त इस पर मनोरंजन हेतु अन्य भी कई सबफोरम हैं।

 

नारद: नारद नामक साइट पर सभी हिन्दी ब्लॉगों को पढ़ा जा सकता है। ब्लॉग एक तरह की वैबसाइट होती है जिसे बिना किसी तकनीकी ज्ञान के बनाया जा सकता है और ऑनलाइन डायरी की तरह प्रयोग किया जा सकता है। इंटरनैट पर ब्लॉगों में सर्वाधिक हिन्दी सामग्री उपलब्ध है।

 

ई-पंडित: यहाँ पर अन्य विभिन्न तकनीकी लेखों समेत हिन्दी टाइपिंग संबंधी बहुत से लेख हैं जिनमें टाइपिंग विधियों से लेकर टाइपिंग औजारों तक के बारे में कई सचित्र आलेख उपलब्ध हैं।

 

हिन्दी टाइपिंग और ब्लॉगिंग संबंधी जानकारी के लिए तीन बहुत उपयोगी साइटें हैं। सर्वज्ञ नामक विकी पर हिन्दी टाइपिंग और ब्लॉगिंग के बारे में संपूर्ण जानकारी मौजूद है। इस पर हिन्दी टाइपिंग संबंधी एक स्क्रीनकास्ट वीडियो भी है तथा सभी महत्वपूर्ण लेखों हेतु ऑडियो-वीडियो टटोरियल डाले जाने की योजना है। परिचर्चा हिन्दी फोरम विश्व की पहली फोरम है जो पूर्णतया देवनागरी लिपि में है। तीसरी नारद नामक साइट जिस पर सभी हिन्दी ब्लॉगों को पढ़ा जा सकता है। ये सभी साइटें पूरी तरह अव्यावसायिक तथा लाभरहित हैं जो इंटरनैट पर हिन्दी के प्रचार-प्रसार से जुड़ी हैं। इसके अतिरिक्त ई-पंडित नामक ब्लॉग पर भी हिन्दी टाइपिंग बारे बहुत से लेख उपलब्ध हैं।

 

हिन्दी टाइपिंग संबंधी किसी भी मदद के लिए आप मुझे ईमेल कर सकते हैं या परिचर्चा हिन्दी फोरम में हिन्दी लिखने मे सहायता नामक सबफोरम में पूछ सकते हैं। इस लेख का नवीनतम संस्करण यहाँ पर उपलब्ध है। नीचे दिए गए कुछ लिंक भी हिन्दी टाइपिंग हेतु उपयोगी हैं।

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