समाचार वाचिका
अमरजीत कौके
कैसे पढ़ जाती
है - मुस्करा कर
टी.वी. पर
समाचार लड़की
और कितनी सहज
हो कर
बता देती है
मरने वालों की गिनती
उस के लिए तो
लेकिन,
ये रोज की बात है
हर रोज वो
कैसे भावुक हो
और मरने वालों
के परिवारों संग
दहाड़े मार कर
रोए
लोगों का मरना
तो
क्रम है रोज
का
और उसे तो
खेल समाचार भी
पढ़ने हैं
प्रधानमंत्री
के भाषण में से
अंश भी सुनाने
हैं
और अंत में
बताना है
मौसम का हाल
चार महानगरों
का तापमान
वह कैसे भावुक
हो
हर रोज।


