Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 2, अंक - 6, दिसंबर.07.- फरवरी, 2008)

संपादकीयआवरण कथादस्तावेजप्रसंगवशबातचीतमेरा समयसक्सेस स्टोरीविमर्शस्मृति-शेषपरदेशअंतरजालसाहित्यइत्यलम्

पत्रिका-जगत्अन्यान्यपाठ्यक्रमगतिविधिसमाचारसंदर्भ-कोशआलेख भेजिएआपके पत्रपुरातन अंकहमारा मिशनप्रकाशनमुख्य-पृष्ठ

 

आवरण कथा

 

 

कारपोरेट राइटर-शब्दों का जादूगर


डॉ. सोनाली निरगुंदे

 

वैश्वीकरण के दौर में, गलाकाट स्पर्धा में, बाजारवाद में कुछ ऐसा है जो दिल को छूता है। कुछ ऐसा है जो दिल को बहकाता, बहलाता, नई राह दिखाता है। यह परिवर्तन होता है कुछ शब्दों के जादू से। यदि आपको कुछ भी लिखा हुआ चाहिए तो सीधे जाइए कंटेट राइटर के पास। यही कंटेट राइटर आज कारपोरेट में जाकर कारपोरेट राइटर बनकर प्रसिध्दि के नए प्रतिमान बना रहा है। कारपोरेट राइटर यानि व्यावसायिक लेखन करने वाले ऐसे व्यक्ति जो रचनात्मकता को नई दिशा दे रहे हैं। लेखन में चंद शब्दों को उलट-पुलट कर मानस के साथ उसकी जीवनचर्या बदलने में सक्षम कारपोरेट राइटर आज लेखन की दुनिया के बादशाह हैं।

कम्युनिकेशन, कम्युनिटी, कमोडिटी और कारपोरेट में कुछ ऐसा भी है, जो रचनात्मकता पर टिका है। कम्युनिकेशन के क्षेत्र में विस्तार देखें तो आवाज से भाषा तक और व्यक्ति से तकनीक तक का फैलाव है। लेकिन इसमें सबसे बढ़कर जो बात सामने आई है वह है कि किसी भी क्षेत्र में चले जाए, लिखे हुए एक ठोस पुख्ता प्रमाण की तरह मान्य किया जा रहा है। लिखित संचार का अपना लक्ष्य और उद्देश्य है और उसी तरह का उसका शिष्टाचार भी है। लेकिन जब से संचार माध्यमों में परिवर्तन हुआ है, लिखित संचार का महत्व भी बदला है। यह भले ही माध्यमों और उपयोगकर्ताओं के आधार पर भिन्न दिखाई देता है लेकिन एक चीज नहीं बदली है, वह है लिखे हुए शब्द और लिखने वाले। आज वैश्वीकरण और खुली अर्थव्यवस्था की स्थिति में जहां कारपोरेट का जमाना है, इस दौरे में स्वयं को स्थापित करने की लड़ाई सबसे बड़ी है।

यदि आपको कुछ भी लिखा हुआ चाहिए तो आपको चाहिए आपका कारपोरेट राईटर। भले ही आपकी कंपनी छोटी हो या बड़ी। आपको ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो बदल सकें आपके लाभ और आपकी सफलता का ग्राफ। शब्द एक शक्ति यह सर्वविदित है। लेकिन यह उत्पादों को बेचने की तरह कंपनियों की सबसे बड़ी जरूरत बन गए हैं। कंपनियों को अपनी कापी लिखाने के लिए ऐसे दक्ष लोगों की तलाश होती है, जो उनकी कंपनी को नया आसमान दिला सकें। सभी बड़ी कंपनियों ने अपने यहां कारपोरेट राइटरों की नियुक्ति की है। हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट ने सभी प्रमुख स्थानीय संपादकों की कार्यशाला आयोजित की। उसमें सभी ने यह ठोस रूप से कहा कि कारपोरेट लेखन आज की दुनिया की ऐसी आवश्यकता है, जो किसी भी संगठन का आधार बन सकता है। कारपोरेट लेखन में ऐसे नए आयाम शामिल किए जा रहे हैं, जो किसी भी संगठन को आगे ले जा सकते हैं।

मीडिया में लेखन करते समय लोगों के दिलों तक पहुंचने की जिद आज सभी संगठनों के लिए मूल मंत्र बन गई है। सभी क्षेत्रों में लेखन ऐसे किया जा रहा है कि वह सफलता का मापदंड बन गया है। आज कारपोरेट लेखकों की नई फौज आ गई है जिनकी कल्पनाशक्ति दूसरों के आधार पर चल सकती है। वे ऐसा लेखन करने में सफल हैं, जो दूसरों का जीवन बदल सकें। आज मीडिया में चलने वाले अधिकांश विज्ञापन संचार के ऐसे विस्तृत स्वरूप की व्याख्या कर रहे हैं, जिसकी कल्पना आज से कुछ साल पहले असंभव थी। आईडिया या आईडिया लिखने वाले लेखक ने भले ही इसे विज्ञापन बतौर बनाया होगा पर उस लेखक की सोच गंभीर विषयों को हल करती है। ऐसी कापी की दुनिया के हर देश को तलाश है। ऐसे लेखकों की अधिकता ही सामान्य आदमी के जीवन को बदल सकती है।

किसी भी सूचना का लिखित स्वरूप सर्वाधिक संकलित और शक्तिशाली होता है। इस कारण इस प्रकार के लेखन में कई सावधानियां रखी जाती हैं। कारपोरेट लेखन में उत्पाद, विपणन से लेकर सामग्री तक की जानकारी दी जाती है। एक कारपोरेट लेखक को कई बातों की जानकारी होना अनिवार्य है। कारपोरेट राइटर कंपनियों के सहयोगी होने के साथ उपभोक्ताओं के भी सहयोगी है। यह कंपनी की प्रोफाइल बताने वाला होने के साथ उसकी इमेज बनाने वाला व्यक्ति होता है। जनता को क्या चाहिए, इसकी जानकारी वह अपने में समाहित रखता है। जनता को मिलने वाली सेवाओं और सुविधाओं के साथ ही कंपनी की अच्छाइयों और परिचयात्मक जानकारी देने का कार्य करता है। जेम्स वी स्मिथ की पुस्तक क्रिएटिव कारपोरेट राईटर के अनुसार एक कारपोरेट राईटर अनेक प्रकार के लेखनों में संलग्न रहता है। इसमें ब्रोशर, न्यूज लेटर, मैन्युल, विज्ञापन, एडवरटोरियल, ब्लॉग, स्क्रिप्ट, फीचर लेखन, वेब साइटों पर लेखन करना आदि रहता है।

कारपोरेट राईटर एक रचनात्मक व्यक्ति होता है, जो एक ऐसी प्रभावपूर्ण शक्ति के साथ लेखन करता है जो लोगों के दिलों पर अपना असर छोड़ता है। यह व्यक्ति किसी उत्पाद के साथ संगठन के बारे में ऐसा लेखन करता है, जो जनता पर अपनी छाप छोड़ता है। यह लेखक संगठन के सच के साथ उसके ऐसे तथ्यों से भी वाकिफ रहता है।

असली लेखक ऐसे कितने ही बीज बो देता है जिनसे कई पेड़ों का जन्म होता है। वह शब्दों का ऐसा जाल बुनता है जो कंपनी को आगे ले जाता है। यह बाकी के कर्मचारियों की तरह ही एक कर्मचारी है। यह स्वतंत्र लेखकों से भिन्न प्रकार की छवि वाला होता है। यह तय करता है कि कंपनी को किस दिशा में मोड़ा जाएगा।

आज कारपोरेट राईटर ने ऐसे मुकाम स्थापित किए हैं जिसके नित नए आयाम दिखने लगे हैं। लेखन के क्षेत्र में आए परिवर्तनों के कारण कारपोरेट लेखकों के सामने भी चुनौती बढ़ी हैं। इसमें विविध तकनीकों के साथ काम करने वाले और उन्हें शब्दों में ढालने वाले कारपोरेट राइटर रचनात्मकता को नई उड़ान प्रदान कर रहे हैं। कारपोरेट राइटर के पदों से कंपनियों का विस्तार हुआ, वहीं कल्पनाशील और रचनात्मक लेखकों को रोजगार के नए अवसर भी मिले हैं। ग्राफिक्स डिजाइनर, तकनीकी लेखन, विषय-वस्तु लेखकों में ऐसे लेखन के लिए नए अवसर हैं, जो कुछ नया और किसी भी विषय को विचारवान मानते हो। लेखन में कारपोरेट क्षेत्र ने जो स्पर्धा लाई है वह अद्भुत है। 

 

 

 

मानद सलाहकार संपादक-विश्वनाथ सचदेव संपादक-श्रीकांत सिंह संपादक मंडल- गोपा बागची, पवित्र श्रीवास्तव

प्रकाशक-भूमिका द्विवेदी उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन-संजय द्विवेदी, जयप्रकाश मानस

 संपर्क- ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी. रायपुर, छत्तीसगढ़, दूरभाष-0771-2444107, ई-मेल- mediavimarshindia@yahoo.com

 

Google
WWW www.mediavimarsh.com