Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 1, अंक - 2, दिस.06 - फर.07)

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किताब/समीक्षा

 

 

 

मीडियाकर्मियों के लिए एक जरूरी किताब

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समीक्षकःविजयदत्त श्रीधर

 

जनसंचार माध्यमों में कार्य करने वाले संवाददाताओं, संपादकों, प्रस्तोताओं, निर्देशकों, छायाकारों, स्तंभकारों, टिप्पणीकारों आदि के लिए आदर्श आचार संहिता की आवश्यकता को लेकर बीसवीं शताब्दी से बहस चल रही है। पहल और प्रयास भी हुए । किन्हीं देशों में इसे कानून की शक्ल दी गई, तो कहीं पत्रकारों, संपादकों, प्रकाशकों के संगठनों ने और कहीं-कहीं प्रकाशनघरों, चैनलों आदि ने आत्मानुशासन के रूप में आचार-संहिता का निर्धारण किया है।

 

समाचार माध्यम की प्रभाव सत्ता व्यापक है। जनमानस पर उसका गहरा असर पड़ता है। इसीलिए समाचार माध्यमों और उनमें कार्य करने वाले पत्रकारों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से सत्य का उद्घाटन और उच्चारण करेंगे। सामाजिक सरोकारों, आदर्श जीवनमूल्यों, मानव अधिकारों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्षता और निर्भीकता को अपने कार्य-व्यबहार का आवश्यक अंग बनाएंगे।

 

पत्रकारों की आचार संहिता पर केंद्रित मुक्ति श्रीवास्तव द्वारा संपादित उपयोगी पुस्तक जर्नलिस्ट कोड  ऑफ इथिक्स का प्रकाशन हाल ही में मनस्वी प्रकाशन, इंदौर न किया है। 743 पृष्ठों की अंग्रेजी भाषा में छपी इस पुस्तक में दुनिया के अधिकांश देशों में प्रचलित और निर्धारित आचार संहिताओं, प्रेस कौंसिलों और उनके नियम-कायदों-प्रावधानों को समाहित किया गया है। इस पुस्तक के अध्ययन से यह पूरी बहस बेमानी लगने लगती है कि भारत में समाचार माध्यमों के लिए कोई आचार संहिता होनी चाहिए अथवा नहीं।अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, स्वीडन, आस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे देशों में जहां अपेक्षाकृत खुला समाज है, लोकतंत्र और मानवाधिकार व्यवहार में अधिक परिपक्वता अर्जित कर चुके हैं। उन देशों में भी आचार संहिताओं की नैतिक मर्यादाओं को स्वतंत्रता में व्यवधान अथवा कार्य निष्पादन में बंधन के रूप में ग्रहण नहीं किया जाता बल्कि विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा में अभिवृद्धि करने वाले उपादान के रूप में स्वीकार किया जाता है।

 

पुस्तक का संपादन, प्रकाशन और मुद्रण सुरुचिपूर्ण है। इस पुस्तक के संपादन के लिए मुक्ति श्रीवास्तव साधुवाद की पात्र हैं। जनसंचार माध्यमों के विद्यार्थियों के लिए यह एक उपयोगी किताब है जो उनकी संस्थाओं के पुस्तकालयों और उनके निजी संग्रह में अवश्य होनी चाहिए।

 

 

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मानद सलाहकार संपादक-विश्वनाथ सचदेव संपादक-भूमिका द्विवेदी संपादक मंडल-श्रीकांत सिंह, गोपा बागची, पवित्र श्रीवास्तव

प्रबंध संपादक-चंदशेखर बघेल उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन- जयप्रकाश मानस

 संपर्क- ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी. रायपुर, छत्तीसगढ़, दूरभाष-0771-2444107, ई-मेल- mediavimarshindia@yahoo.com

 

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