Media Vimarsh

मीडिया विमर्श जनसंचार के सरोकारों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका  

(वर्ष 1, अंक - 2, दिस.06 - फर.07)

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किताब/समीक्षा

 

 

 

विसर्जन ने दी सृजन की प्रेरणा

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समीक्षकःअंजनी कुमार झा

 

 

मृत्यु चिरप्राण की नूतन यात्रा है। महाप्राण, चिरपुरातन को भी नूतन का प्रेरणा प्रदान करता है। हर अवदान में एक नया विहान अदृश्य होता है। चिरनूतन की एक ऐसी ही सृजन बेला ने लेखक को सृजन प्रेरणा का अवगाहन किया जिसका जिक्र लेखक पुस्तक की प्रस्तावना में ही करता हैं। संस्कारों के संदर्भ में लिखित, अनिल माधव दवे की पुस्तक सृजन से विसर्जन तक एक प्रेरणादायी, शिक्षादायी, शिश्राप्रद और भारतीय संस्कृति से अवगत कराने वाली कृति है। जीवन की प्रस्फुटन एवं अंकुरण से लेकर इहलीला समाप्त होने तक के पारंपरिक व वैज्ञानिक संस्कारों को सिलसिलेवार ढंग से लेखक ने वेदों, भारतीय वांग्मय के जरिए बताया है।बदलते जीवन मूल्य और भौतिक अतिलिप्सा के कारण संस्कारों से विछोह पर सामाजिक चिंतन श्री देव ने चिंता प्रकट की है। यह वेदना आरंभ से अंत तक रहती है। गर्भाधान, विवाह का अत्यंत सामाजिक व धार्मिक महत्व है।

 

श्री दवे ने मनु स्मृति, वेद व अन्य प्राचीन ग्रंथों को आधार बनाकर यह बताया कि यह एक नैसर्गिक सहज प्रक्रिया है। श्री दवे ने वेद के के संबंध में भ्रामकता फैलाने पर नयी शिक्षा पद्धति को कोसते हुए जिक्र किया कि लॉर्ड मैकाले द्वारा संचालित मैक्सम्यूलर जैसे छद्म प्रवर्तकों ने अपने जीवन के पूर्वाद्ध में यह प्रचार किया कि वेद गड़रियों के गीत हैं । ग्राम्य अर्थव्यवस्था व प्रबंधन में विशेषज्ञता हासिल किये श्री दवे की संस्कारों के प्रति चेतना जगाने हेतु सृजित इस पुस्तक से चेतनापुंज किरणें चहुंओर विकीर्ण होगी । आशा है, वर्तमान परिवेश में सांस्कृतिक प्रतिष्ठानों व परंपरागत जीवन मूल्यों को दरकिनार करने के कुचलन के प्रवाह को रोकने में चरैवेति के सृजक द्वारा रचित यह पुस्तक सांस्कृतिक प्रवर्तन, अनुवर्तन तथा संरक्षण हेतु अमूल्य-कृति साबित होगी ।

 

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मानद सलाहकार संपादक-विश्वनाथ सचदेव संपादक-भूमिका द्विवेदी संपादक मंडल-श्रीकांत सिंह, गोपा बागची, पवित्र श्रीवास्तव

प्रबंध संपादक-चंदशेखर बघेल उपसंपादक-हेमंत पाणिग्राही वेब नियोजन- जयप्रकाश मानस

 संपर्क- ए-2, अनमोल फ्लैट्स, अवंति विहार कॉलोनी. रायपुर, छत्तीसगढ़, दूरभाष-0771-2444107, ई-मेल- mediavimarshindia@yahoo.com

 

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