उनका कहना था कि जिस तरह खबरें बदल रही हैं, मीडिया में खबर को देने की गति बढ़ रही है, एंकरिंग ज्यादा चुनौतीपूर्ण कर्म में बदल गयी है। भाषा, देहभाषा और प्रस्तुति सब कुछ मिलकर इस काम को सफल बनाते हैं। अगर आप विषय की समझ नहीं रखते तो पूरी संवेदना के साथ उसे प्रस्तुत भी नहीं कर सकते। यहीं पर एंकर खास हो जाता है। खबर को पढ़ना और उसे फील के साथ पढ़ना दोनों दो बातें हैं। विद्यार्थियों से हुए प्रश्नोत्तर में उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती गरिमा पटेल ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। आभार प्रदर्शन विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने किया। आयोजन में डा. राखी तिवारी, डा.संजीव गुप्ता और पूर्णेंदु शुक्ल खासतौर पर मौजूद रहे।
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